अंतरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस 2022
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस प्रतिवर्ष 21 फरवरी को मनाया जाता है। 2022 की थीम- " बहुभाषी शिक्षा के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग: चुनौतियां और अवसर "( थीम हर वर्ष यूनेस्को तय करता है) आज विश्व में लगभग 6000 भाषाएं बोली जाती हैं इनमें अनेक के विलुप्त होने के खतरे को ध्यान में रखकर यह दिवस घोषित किया गया। भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के बारे में जागरूकता बढ़ाना और बहुभाषावाद को बढ़ावा देना ही इसका उद्देश्य है । जब भारतीयों पर मुगलों का शासन था तो वह भारतीयों पर फारसी भाषा थोपना चाहते थे और जब भारत में ब्रिटिश शासन आया तो वे भारतीयों को अंग्रेजी के रंग में रंगना चाहते थे जिसमें एक सीमा तक सफल भी रहे। लेकिन जब भारत आजाद हुआ और भारत का विभाजन हुआ तो पाकिस्तान भी दो भागों में बट गया था एक पूर्वी पाकिस्तान जो आज बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है। पाकिस्तान बांग्लादेश पर उर्दू थोपकर उसे सांस्कृतिक गुलामी में रख रहा था। बांग्लादेश वालों ने भले ही इस्लाम को कबूल कर लिया हो परंतु उनकी भाषा अस्मिता संस्कृति सब कुछ अलग थी और उनकी आत्मा बार-बार अपनी भाषा संस्कृति के दमन से घुटन अनुभव करने लगी...